रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर बयानबाज़ी के दौर में प्रवेश कर चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया गया। बघेल के इस बयान पर मंत्री केदार कश्यप ने पलटवार किया है। उन्होने तंज कसते हुए कहा कि……भूपेश बघेल की आवश्यकता न तो छत्तीसगढ़ को और न ही भाजपा को।
गौरतलब है कि सत्ता से बाहर होने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में एक जुटता को लेकर मंथन जारी है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के सीनियर लीडर एक बार फिर प्रदेश में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे है। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगे है। इन सारे आरोप-प्रत्यारोप के बीच पूर्व सीएम भूपेश बघेल के एक बयान ने सूबे से लेकर दिल्ली तक की राजनीति गरमा दी है। बघेल ने सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में ये दावा किया कि पीएम मोदी और शाह ने उन्हे भाजपा में शामिल होने का ऑफर दिया था।
बघेल के इस बयान के बाद सूबे की सियासत में तत्काल प्रतिक्रिया देखने को मिली। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने बघेल के इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि….न तो छत्तीसगढ़ को भूपेश बघेल की आवश्यकता है और न ही भाजपा को। कश्यप ने इसे महज सुर्खियों में बने रहने की कोशिश करार दिया। केदार कश्यप ने मीडिया में जवाब देते हुए बताया कि जनता विकास और सुशासन के मुद्दों पर ध्यान चाहती है, न कि पुराने आरोप-प्रत्यारोप पर।
पीडीएस और नक्सल मुद्दे पर कांग्रेस पर साधा निशाना
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत द्वारा पीडीएस दुकानों के खाली होने के आरोप पर कश्यप ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन पर खुद प्रदेश को नुकसान पहुंचाने और मामलों में फंसने के आरोप हैंए वही अब सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले जिम्मेदार थेए वही आज विपक्ष में बैठकर आरोप लगा रहे हैं।






















