अंबिकापुर : अंबिकापुर में गंगापुर मेडिकल कालेज की जमीन से बेजा कब्जा हटाने के दौरान आज बवाल मच गया। अवैध कब्जा तोड़े जाने के दौरान नाराज लोगों की पुलिस के साथ झूमाझटकी हो गयी। इसके बाद भी जब अवैध कब्जा पर बुलडोजर की कार्रवाई जारी रही, तब नाराज लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिध्कारियों पर पथराव कर दिया।
आरोप है कि 37 अवैध मकानों को नोटिस जारी कर प्रशासन की टीम ने 42 मकानों पर बुलजोडर चलाया गया, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी देखी गयी। जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर के गंगापुर में मेडिकल कॉलेज के लिए शासन ने 7 एकड़ जमीन आबंटित की थी। लेकिन मेडिकल कालेज बनने से पहले ही उक्त जमीन पर 20-22 साल लोग यहां मकान बनाकर रहने लगे थे। जिसे लेकर साल 2000 में ही जिला प्रशासन ने 37 कब्जाधारियों को बेदखली का नोटिस जारी किया गया था।
इसके विरोध में कब्जाधारी कोर्ट चले गए थे। जिस पर हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के निर्देश दिए थे। दोबारा सुनवाई के बाद साल 2025 में सभी कब्जाधारियों के खिलाफ बेदखली का आदेश जारी कर दिया गया। करीब एक साल पहले 2025 में प्रशासन ने सभी 37 कब्जाधारियों को फिर से बेदखली का नोटिस दियाए जिस पर वे दोबारा हाईकोर्ट पहुंचे। लेकिन इस बार हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने एक सप्ताह पहले सभी को अंतिम नोटिस जारी किया था।
आखिर किस बात को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की तरफ से हुए सीमांकन में उनका घर नहीं आया था। बावजूद इसके उनके मकान तोड़ दिए गए। प्रशासन ने कुल 37 अवैध घरों को हटाने नोटिस जारी किया था। लेकिन तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान 42 मकान तोड़ दिए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान पहले स्थानीय लोगों ने मकान न तोड़ने की गुहार लगाई। महिलाएं अपने घरों के बाहर खड़ी होकर रोती और हाथ जोड़तीं नजर आईं।
लेकिन अधिकारियों के आदेश के मुताबिक हालात को देखते हुए मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने सभी को हाथ पकड़कर हटाना शुरू कर दिया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने विरोध करते हुए नगर निगम की जेसीबी और टीम पर पथराव कर दिया। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल का प्रयोग कर नाराज भीड़ को नियंत्रण किया। इसके बाद प्रशासन ने अवैध मकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई से पहले कब्जाधारियों को अपना सामान बाहर निकालने के लिए समय दिया गया। जिसके बाद अवैध कब्जा में बने सभी मकानों को जेसीबी से ढहा दिया गया।






















