Raipur

CG News : प्री वेडिंग शूट पर लगा प्रतिबंध, महिला आयोग ने भी किया स्वागत, जानिये समाज ने क्या-क्या लिये हैं फैसले

रायपुर : छत्तीसगढ़ में विवाह से पहले होने वाले प्री-वेडिंग शूट और उससे जुड़ी बढ़ती फिजूलखर्ची पर साहू समाज द्वारा रोक लगाए जाने के फैसले को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने सकारात्मक और सराहनीय कदम बताया है। महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने प्रदेश साहू संघ के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि प्री-वेडिंग शूट आज समाज में एक कुरीति का रूप ले चुका है, जिसके कारण रिश्तों में तनाव बढ़ रहा है और कई मामलों में विवाह तक टूट जा रहे हैं। डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिला आयोग में इससे पहले भी प्री-वेडिंग शूट से जुड़े विवादों के मामले सामने आ चुके हैं।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिखावे और सोशल मीडिया के दबाव में किए जाने वाले ऐसे आयोजन न केवल आर्थिक बोझ बढ़ाते हैं, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक समस्याओं को भी जन्म देते हैं। महिला आयोग अध्यक्ष ने धमतरी जिले के एक मामले का उदाहरण देते हुए बताया कि साहू समाज की ही एक युवती ने आयोग में आवेदन दिया था। इस प्रकरण में विवाह की तिथि तय हो चुकी थी और दोनों पक्षों के बीच प्री-वेडिंग शूट भी कराया गया था। लेकिन बारात जाने के दिन दूल्हे ने अचानक शादी से इनकार कर दिया। इस घटना से युवती और उसके परिवार को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से भारी क्षति उठानी पड़ी।

इस मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने दूल्हे पक्ष को निर्देश दिए कि वह शादी की तैयारियों में हुए खर्च की राशि युवती को वापस करे और प्री-वेडिंग शूट से जुड़ी सभी फोटो व वीडियो को तत्काल डिलीट करे। आयोग के निर्देशों का पालन होने और पीड़िता की संतुष्टि के बाद मामले का निराकरण किया गया। डॉ. नायक ने कहा कि यह उदाहरण बताता है कि प्री-वेडिंग शूट कई बार रिश्तों में जटिलता और विवाद का कारण बन जाता है। डॉ. किरणमयी नायक ने चिंता जताते हुए कहा कि आज के समाज में पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे हमारी पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्य कमजोर हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार को दिखावे और प्रचार का माध्यम बना दिया गया है, जिसका खामियाजा अक्सर महिलाओं को भुगतना पड़ता है। उन्होंने साहू समाज के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम हमारी संस्कृति को बचाने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत पहल है। महिला आयोग अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि अन्य समाज और सामाजिक संगठन भी प्री-वेडिंग शूट और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने का निर्णय लेंगे। डॉ. नायक ने कहा कि यदि समाज सामूहिक रूप से ऐसे फैसले लेता है, तो इससे बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और मानसिक शांति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महिला आयोग इस तरह के सामाजिक सुधारों के साथ खड़ा है और भविष्य में भी महिलाओं के हित में ऐसे मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाता रहेगा।

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