दुर्ग : जिले के रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को मानव तस्करी और धर्मांतरण के आरोपों को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने नारायणपुर जिले की तीन आदिवासी लड़कियों को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर आगरा ले जा रही दो नन और एक युवक को पकड़ा। इस मामले में जीआरपी थाना भिलाई-3 के अंतर्गत दुर्ग जीआरपी चौकी में छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 की धारा 4 के तहत FIR दर्ज की गई है।
तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। बता दें कि बजरंग दल को सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन पर कुछ लड़कियां संदिग्ध परिस्थितियों में दो नन और एक युवक के साथ मौजूद थीं। पूछताछ में पता चला कि ये लोग नारायणपुर की तीन आदिवासी लड़कियों को आगरा ले जा रहे थे। बजरंग दल ने आरोप लगाया कि नन लड़कियों को नौकरी का लालच देकर मानव तस्करी और धर्मांतरण के इरादे से ले जा रही थीं।
कार्यकर्ताओं ने तीनों लड़कियों, दो नन और युवक को हिरासत में लेकर जीआरपी थाने पहुंचाया। हंगामे की खबर मिलते ही बजरंग दल की जिला संयोजिका ज्योति शर्मा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ स्टेशन पहुंचीं। उन्होंने कहा, “यह मानव तस्करी और जबरन धर्मांतरण का मामला है। नन लड़कियों को झांसा देकर गलत इरादों से आगरा ले जा रही थीं।” हंगामे के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की, जिससे स्टेशन पर तनाव का माहौल बन गया।
जीआरपी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि तीनों लड़कियां सुरक्षित हैं और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि क्या यह घटना संगठित मानव तस्करी या धर्मांतरण से जुड़ी है।






















