रायपुर : रायपुर में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां HDD मशीन खरीद के नाम पर 39 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित द्वारा कई अधिकारियों, यहां तक कि छत्तीसगढ़ पुलिस के शीर्ष अधिकारी यानी DGP से शिकायत करने के बावजूद FIR दर्ज होने में 135 दिनों का लंबा समय लग गया।
मामले के अनुसार, प्रार्थी और आरोपी इमरान नवाब के बीच 23 जून 2021 को HDD (हॉरिजॉन्टल डायरेक्शनल ड्रिलिंग) मशीन खरीदने को लेकर सौदा हुआ था। इस सौदे के तहत प्रार्थी ने आरोपी को कुल 39 लाख रुपये का भुगतान किया। आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि वह तय समय पर मशीन उपलब्ध करा देगा। हालांकि, समय बीतने के साथ आरोपी ने मशीन देने में टालमटोल शुरू कर दी। बाद में उसने 3 अप्रैल 2024 तक मशीन उपलब्ध कराने का वादा किया, लेकिन उस तारीख तक भी न तो मशीन सौंपी गई और न ही रकम वापस की गई।
इससे परेशान होकर प्रार्थी ने पुलिस और उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। पीड़ित ने लगातार न्याय की गुहार लगाई और मामले को उच्च स्तर तक पहुंचाया। इसके बावजूद लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. आखिरकार करीब 135 दिन बाद मौदहापारा थाना में आरोपी इमरान नवाब के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक आरोपी गिरफ्त से बाहर है। पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इस घटना ने पुलिस कार्रवाई की गति और प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी बड़ी रकम की धोखाधड़ी होने के बावजूद FIR दर्ज करने में हुई देरी को लेकर आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कानूनी जानकारों का कहना है कि इस तरह के मामलों में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी होती है, ताकि आरोपी को जल्द पकड़ा जा सके और पीड़ित को न्याय मिल सके। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।






















