कांकेर : जिल के अंतागढ़ में हाल ही में शव दफनाने को लेकर दो समुदाय के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद हालात काबू से बाहर हो गए थे। हालात को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल फोर्स भेजा, जिसके बाद यहां कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई थी। लेकिन इस बीच क्रिसमस से पहले कांकेर से एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल चर्च लीडर महेंद्र बघेल ने घर वापसी की है। इतना ही नहीं महेंद्र बघेल ने ईसाई समुदाय पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि कांकेर में जो घटना हुई है वो सुनियोजित थी।
Kanker Dharmantaran news मिली जानकारी के अनुसार चर्च लीडर महेंद्र बघेल ने क्रिसमस से पहले हिंदू धर्म में वापसी की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कांकेर स्थित शीतला मंदिर में पहुंचकर सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, हिंदू धर्म में वापसी करने के बाद महेंद्र बघेल ने ईसाई धर्म पर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़े तेवड़ा में शव दफनाने को लेकर जो विवाद हुआ था वो सुनियोजित था।
क्या हुआ था बड़े तेवड़ा में?
दरअसल छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा से लगे गांव बड़े तेवड़ा में धर्मांतरण पर विवाद हुआ था। अपनी पूजा पद्धति बदल चुके सरपंच राजमन सलाम के पिता की मौत के बाद शव को आदिवासी समुदाय ने दफनाने का विरोध किया। इसके बाद विवाद ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया। हालाँकि अब इस विवाद के सुलझने की बात कही जा रही है। मृतक के परिजनों को ग्रामीण रीति रिवाज से अंतिम संस्कार के लिए राजी कर लिया गया है।
इस मामले में पर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया है। धर्मांतरण को लेकर समाज में नाराजगी है। भ्रम, प्रलोभन से धर्मांतरण कराया जाता है। धर्म स्वतंत्रताय बिल कुछ संशोधन के लिए रुका है। सबको कहना चाहिए धर्मांतरण बंद हो।






















