रायगढ़ : रायगढ़ जिले में अवैध अफीम की खेती को लेकर प्रशासन की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। हाल ही में तमनार क्षेत्र में ऐसे मामले सामने आने के बाद अब लैलूंगा ब्लॉक के ग्राम घटगांव में भी अफीम की खेती पकड़ी गई है। यह मामला तब सामने आया जब ग्रामीणों ने खेतों में लगे पौधों पर फूल देखकर शक जताया और इसकी सूचना पुलिस को दी। ग्रामीणों के अनुसार, खेतों में उगाए गए पौधों में असामान्य फूल दिखाई दे रहे थे, जिससे उन्हें संदेह हुआ कि यह अफीम की खेती हो सकती है।
इसके बाद उन्होंने तुरंत लैलूंगा पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्राथमिक जांच में ही खेतों में लगे पौधों को अफीम का पौधा माना गया है। इसके बाद टीम ने गांव के अलग-अलग हिस्सों में जाकर विस्तृत जांच की, जिसमें तीन किसानों के खेतों में अफीम की खेती की पुष्टि हुई। जानकारी के अनुसार, गांव के किसान साधुराम नागवंशी के लगभग 10 डिसमिल खेत में अफीम के पौधे पाए गए हैं।
वहीं, जांच के दौरान पुलिस को अन्य खेतों में भी इसी तरह की खेती की सूचना मिली। इसके बाद गांव के ही किसान जगतराम के करीब 2 डिसमिल और अभिमन्यु नाग के लगभग 15 डिसमिल जमीन में भी अफीम की फसल उगाई गई पाई गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि किसानों ने यह खेती किस उद्देश्य से की और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह या बाहरी नेटवर्क तो नहीं जुड़ा है।
फिलहाल पुलिस ने खेतों में मौजूद फसल को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और संबंधित किसानों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही राजस्व और कृषि विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही है।गौरतलब है कि अफीम की खेती भारत में बिना सरकारी अनुमति के पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके लिए कड़े कानूनी प्रावधान हैं। ऐसे में इस तरह के मामलों का सामने आना प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है।






















