रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया को बुधवार को ईडी की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। सौम्या चौरसिया अब 22 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगी। वहीं सौम्या चौरसिया के बाद पूर्व आईएएस निरंजन दास भी गिरफ्तार हो गये हैं।
ईडी का आरोप है कि शराब घोटाले से जुड़े कई मामलों में पैसों के मैनेजमेंट और लेन-देन की अहम भूमिका सौम्या चौरसिया की रही है। एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसके आधार पर आगे की जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
ED की स्पेशल कोर्ट में पेशी
रायपुर स्थित ईडी की विशेष अदालत में पेशी के दौरान सौम्या चौरसिया को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लाया गया। कोर्ट में ईडी ने रिमांड की मांग करते हुए कहा कि घोटाले से जुड़े आर्थिक लेन-देन, नेटवर्क और अन्य आरोपियों से संबंधों की गहन जांच अभी बाकी है। कोर्ट ने ईडी के तर्कों को सुनने के बाद सौम्या को न्यायिक रिमांड पर भेजने का फैसला सुनाया।
निरंजन दास की भी गिरफ्तारी
इस बीच, शराब घोटाले से जुड़ी एक और बड़ी कार्रवाई में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी निरंजन दास को भी ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल निरंजन दास जेल में बंद हैं।ईडी सूत्रों के मुताबिक, सौम्या चौरसिया से पूछताछ के बाद अब जांच एजेंसी निरंजन दास से आमने-सामने पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि दोनों अधिकारियों के बीच हुए संवाद, फाइल मूवमेंट और वित्तीय फैसलों की कड़ियों को जोड़कर घोटाले की पूरी परतें खोली जाएंगी।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला राज्य के सबसे बड़े आर्थिक घोटालों में से एक माना जा रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसमें शराब की बिक्री, सप्लाई और नीति निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।ईडी इस मामले में पहले ही कई अधिकारियों, कारोबारियों और बिचौलियों पर कार्रवाई कर चुकी है। सौम्या चौरसिया और निरंजन दास की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो गया है कि जांच एजेंसी अब पूर्व नौकरशाहों की भूमिका को भी गंभीरता से खंगाल रही है।
आगे क्या?
ईडी का कहना है कि न्यायिक रिमांड के दौरान भी दस्तावेजों की जांच, डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण और अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी रहेगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या खुलासे होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। शराब घोटाले में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजरें ईडी की अगली कार्रवाई और कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई हैं।





















