रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा हो गया। खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर इलाके में स्थित मंगल कार्बन फैक्ट्री में अचानक सिलेंडर ब्लास्ट हो गया, जिससे फैक्ट्री में काम कर रहे 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे में घायल मजदूरों में एक बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है, जिससे घटना की गंभीरता और बढ़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगल कार्बन फैक्ट्री में टायर मैन्युफैक्चरिंग और टायर रिसोल्डिंग से संबंधित कार्य किया जाता है। गुरुवार को भी फैक्ट्री में रोज की तरह मजदूर अपने काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान प्लांट परिसर में रखा एक सिलेंडर किसी कारणवश हिट हो गया और अचानक तेज धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए।
धमाके से मचा अफरा-तफरी
सिलेंडर ब्लास्ट होते ही फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग और गर्म गैस के कारण मजदूर बुरी तरह झुलस गए। सहकर्मियों ने किसी तरह घायलों को बाहर निकाला और तत्काल घटना की सूचना फैक्ट्री प्रबंधन व स्थानीय प्रशासन को दी। बताया जा रहा है कि कुछ मजदूर 50 प्रतिशत तक झुलस गए हैं, जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पहले खरसिया, फिर रायगढ़ जिला अस्पताल रेफर
हादसे के बाद सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरसिया ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने मजदूरों की स्थिति को गंभीर बताते हुए उन्हें रायगढ़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल सभी घायल मजदूरों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
ब्लास्ट के कारणों का पता नहीं
अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सिलेंडर ब्लास्ट किस वजह से हुआ। प्रारंभिक तौर पर सुरक्षा मानकों में लापरवाही या तकनीकी खामी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में कामकाज अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
पुलिस और प्रशासन मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही खरसिया पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फैक्ट्री प्रबंधन से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फैक्ट्री में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और क्या सभी जरूरी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा उपकरणों और मानकों की अनदेखी अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। मजदूर संगठनों ने भी घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।






















