Sarguja

CG Breaking : रेप व हत्या मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला, दोषी दंपत्ति को मरते दम तक जेल में रहने की सजा

सरगुजा : सरगुजा जिले के अम्बिकापुर से न्याय व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। किशोरी के साथ दुष्कर्म और उसके बाद नृशंस हत्या के लगभग तीन वर्ष पुराने मामले में जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल (पास्को) कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने इस जघन्य अपराध में दोषी दंपति को मृत्यु होने तक कारावास की सजा सुनाई है।

यह मामला अम्बिकापुर शहर के मणिपुर थाना क्षेत्र का है। घटना के समय मृतिका एक किशोरी थी, जो अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए मजदूरी करने शहर आई थी। काम की तलाश में आई इस युवती को आरोपियों ने बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया, जहां उसके साथ बलपूर्वक अनाचरण किया गया। इसके बाद पहचान छिपाने और अपराध को छुपाने के उद्देश्य से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।

घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और संदेह के आधार पर आरोपी रेशम लाल राठिया और उसकी पत्नी सीमा राठिया को हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे, जिनमें फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य प्रमाण शामिल थे। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मजबूत चालान पेश किया।

मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में की गई, जहां अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े सभी साक्ष्य और गवाह अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। अदालत ने पाया कि दोनों आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था। बचाव पक्ष की दलीलों को अस्वीकार करते हुए न्यायालय ने इसे समाज को झकझोर देने वाला और अत्यंत अमानवीय अपराध माना।

पास्को एक्ट के अंतर्गत गठित विशेष अदालत, जिसकी अध्यक्षता न्यायाधीश कमलेश जगदल्ला ने की, ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी नृशंस हत्या करना गंभीरतम अपराधों में से एक है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में कड़ी सजा देना आवश्यक है, ताकि समाज में अपराध के प्रति सख्त संदेश जाए और पीड़ितों को न्याय मिल सके।

अदालत ने आरोपी रेशम लाल राठिया और उसकी पत्नी सीमा राठिया को दोषी करार देते हुए मृत्यु होने तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यह फैसला पीड़िता के साथ हुई अमानवीयता और अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

What's your reaction?

Related Posts

CG News : मेडिकल कॉलेज जमीन खाली कराने पर बवाल, नाराज लोगों ने किया पथराव, पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग

अंबिकापुर : अंबिकापुर में गंगापुर मेडिकल कालेज की जमीन से बेजा कब्जा हटाने के…

1 of 11