रायपुर : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष रूपेश ठाकुर का असम में चुनाव प्रचार के दौरान निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वे पार्टी के निर्देश पर गुवाहाटी पहुंचे थे, जहां चुनावी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूपेश ठाकुर को अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही थी, लेकिन हालत गंभीर बनी रही और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। इस खबर के सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष से रूपेश ठाकुर
रूपेश ठाकुर को कांग्रेस पार्टी का जमीनी और समर्पित कार्यकर्ता माना जाता था। उन्होंने लंबे समय तक संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई और बलौदाबाजार शहर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। पार्टी के कार्यक्रमों, आंदोलनों और चुनावी रणनीतियों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही।उनकी पहचान एक ऐसे नेता के रूप में थी, जो संगठन को मजबूत करने के लिए हर परिस्थिति में काम करने के लिए तैयार रहते थे। यही वजह थी कि उन्हें असम जैसे दूरस्थ राज्य में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
प्रचार के दौरान बिगड़ी तबीयत
सूत्रों के अनुसार, रूपेश ठाकुर इन दिनों असम में कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान में जुटे हुए थे। वे लगातार जनसंपर्क और पार्टी गतिविधियों में व्यस्त थे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पहले इसे सामान्य स्वास्थ्य समस्या समझा गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। गहन चिकित्सा के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लगातार दबाव और व्यस्तता के बीच नेताओं और कार्यकर्ताओं के स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
भूपेश बघेल ने जताया गहरा शोक
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। वे स्वयं गुवाहाटी पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी एक भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा कि रूपेश ठाकुर का आकस्मिक निधन कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति है।भूपेश बघेल ने कहा कि रूपेश ठाकुर एक कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ता थे, जिन्होंने पार्टी की विचारधारा के लिए हमेशा निष्ठा से काम किया। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उनका इस तरह चले जाना बेहद दुखद और पीड़ादायक है।
कार्यकर्ताओं में शोक, क्षेत्र में मातम
रूपेश ठाकुर के निधन की खबर मिलते ही बलौदाबाजार सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और आम लोग उनके घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है।स्थानीय लोगों का कहना है कि रूपेश ठाकुर हमेशा जनता के बीच रहने वाले नेता थे। वे हर छोटे-बड़े मुद्दे पर लोगों के साथ खड़े रहते थे और उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते थे। उनके निधन से न केवल कांग्रेस पार्टी बल्कि पूरे क्षेत्र को एक बड़ा नुकसान हुआ है।
असम में अंतिम समय, परिवार सदमे में
घटना के समय रूपेश ठाकुर का परिवार छत्तीसगढ़ में था। उनके अचानक निधन की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिजन गुवाहाटी पहुंचे, जहां अंतिम औपचारिकताएं पूरी की गईं।बताया जा रहा है कि उनके पार्थिव शरीर को बलौदाबाजार लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय और पार्टी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल होने की संभावना है।






















