Ajab – Gajab : शादी को आमतौर पर खुशियों, सजावट और परंपराओं का त्योहार माना जाता है, लेकिन दुनिया में कुछ जगह ऐसी भी हैं जहां शादी से जुड़ी रस्में हैरान कर देने वाली हैं। ऐसी ही एक परंपरा है, जिसमें शादी से पहले दुल्हन के दांत जानबूझकर तोड़े या घिसे जाते हैं। यह रस्म सुनने में भले ही अजीब और दर्दनाक लगे, लेकिन वहां के लोग इसे बेहद जरूरी मानते हैं।
कहां निभाई जाती है यह रस्म
यह परंपरा इंडोनेशिया के बाली द्वीप में निभाई जाती है। यहां इसे एक पवित्र धार्मिक रस्म माना जाता है, जो शादी से पहले दुल्हन (और कई जगह दूल्हे) के लिए अनिवार्य होती है।
क्यों तोड़े जाते हैं दांत
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इंसान के नुकीले दांत छह बुराइयों का प्रतीक माने जाते हैं —काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार और ईर्ष्या। ऐसा विश्वास है कि दांत घिसने या तोड़ने से इंसान इन बुराइयों पर काबू पा लेता है और वैवाहिक जीवन में संयम और शांति बनी रहती है।
कैसे होती है यह रस्म
इस रस्म में दुल्हन के सामने के दांतों को थोड़ा-थोड़ा घिसा जाता है। यह काम किसी पुजारी या पारंपरिक विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है। खास बात यह है कि इस दौरान दर्द को सहना धैर्य और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है।
क्या है सामाजिक दबाव
बाली समाज में माना जाता है कि अगर यह रस्म नहीं निभाई गई, तो व्यक्ति अधूरा माना जाता है और उसे पूरी तरह परिपक्व नहीं समझा जाता। इसलिए कई परिवार सामाजिक दबाव के कारण इस परंपरा को निभाते हैं।
आधुनिक दौर में बदलाव
हालांकि अब समय बदल रहा है। नई पीढ़ी इस रस्म पर सवाल उठा रही है और कुछ लोग इसे प्रतीकात्मक रूप में ही पूरा कर रहे हैं। फिर भी कई ग्रामीण इलाकों में यह परंपरा आज भी उसी रूप में निभाई जाती है।
सवाल भी उठते हैं
मानव अधिकार और स्वास्थ्य से जुड़े लोग इस रस्म को लेकर चिंता जताते हैं। उनका कहना है कि किसी भी परंपरा के नाम पर शारीरिक नुकसान सही नहीं ठहराया जा सकता।






















