रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्ववर्ती सरकार में जिन ब्यूरोक्रेट्स ने घोटालों में अपने हाथ काले किये, उनकी धड़कने एक बार फिर तेज हो गयी है। सरकार बदलने के बाद ऐसे अफसरों को उम्मींद थी कि समय के साथ मौजूदा सरकार में सामंजस्य बनाकर वे बच निकलेंगे। लेकिन ऐसा होता नजर नही आ रहा है। जीं हां ऐसा इसलिए क्योंकि प्रवर्तन निदेशालय से छत्तीसगढ़ सरकार को लिखे एक पत्र से ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मचा हुआ है। पत्र में छत्तीसगढ़ के 2 IPS सहित 2 IAS अफसर और एक ASP पर कोयला घोटाला के किंगपिंग सूर्यकांत तिवारी से पैसे लेन-देन के पुख्ता सबूत मिल है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में सरकार को बदले 2 साल के करीब हो गया है। लेकिन इन दो सालों के बीच अब भी पूर्ववर्ती सरकार में हुए शराब, कोयला और डीएमएफ घोटाले की गूंज ने राजनेता और ब्यूरोक्रेट्स की नींद उड़ा रखा है। ताला मामला कोयला घोटाले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय के पत्र से जुड़ा है। जिसे ईडी ने छत्तीसगढ़ सरकार को लिखकर प्रदेश के 2 चर्चित IAS और 2 IPS के संबंध में पत्र लिखा है। इस पत्र पर सरकार से हरी झंडी मिलते ही ईडी कभी भी इन अफसरों से पूछताछ शुरू कर देगी।
ED के लेटर से आखिर ब्यूरोक्रेसी में क्यों मचा है हड़कंप ?
दरअसल छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाला मामले में केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय की जांच में इस बार कुछ नया खुलासा हुआ है। ईडी ने राज्य के चीफ सेक्रेटरी औरACB-EOW को पत्र भेजा है। पत्र में बताया कि जांच के दौरान कारोबारी सूर्यकांत तिवारी की डायरी में 80 करोड़ रुपए से ज्यादा के लेन-देन की बात सामने आई है। डायरी में कई बड़े और प्रभावशाली अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। इनमें 2 आईएएस और 2 आईपीएस और एक एएसपी शामिल हैं।
वहीं खुलासा इस बात का भी हुआ है कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने जहां सूर्यकांत तिवारी को करोड़ों रूपये कैश दिये। वहीं चर्चित एएसपी ने सूर्यकांत तिवारी से 5.67 करोड़ लिए हैं। ईडी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि इस डायरी में दर्ज लेन-देन की तारीख, राशि और पक्षों के नाम सहित पूरी जानकारी दी गई है। इसमें 5 प्रमुख लोगों से जुड़े लेन-देन का ब्योरा सामने आया है, जो पिछली सरकार के समय पावरफुल अधिकारी माने जाते थे।
सूर्यकांत को IAS और IPS ने दिये करोड़ों रूपये कैश
ईडी के पत्र में उल्लेख किया गया है कि पूर्ववर्ती सरकार में पावरफूल रहे इन आईएएस और आईपीएस अफसरों ने कोयला घोटाला के किंगपिंग को करोड़ों रूपये पहुंचाये। डायरी के मुताबिक एक अफसर ने सूर्यकांत तिवारी को लगभग 11.5 करोड़ रुपए दिए। वहीं छत्तीसगढ़ कैडर के एक और आईपीएस अधिकारी हैं, जो महासमुंद जिले में पोस्टेड रह चुके हैं। इन्होंने 2.65 करोड़ रुपए सूर्यकांत को दिए। वहीं एक आईएएस अफसर ने 75 लाख रुपए सूर्यकांत को दिए।
इसके अलावा एक अन्य आईएएस अधिकारी जिन्हें जेल भी जाना पड़ा और मौजूदा वक्त में बेल पर बाहर हैं। उन्होंने डायरी में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार 60 करोड़ रुपए सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाए।





















