बलरामपुर : शिक्षा विभाग ने एक बार फिर लापरवाह कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। बलरामपुर जिले के तीन भृत्यों को पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी डी.एन. मिश्रा ने उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। निलंबित कर्मचारियों में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलरामपुर के भृत्य धुरन राम, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पिण्ड्रा के भृत्य राकेश गुप्ता, और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चिलमा के भृत्य रविन्द्र इतगे शामिल हैं।
तत्काल प्रभाव से निलंबन
जारी आदेश के अनुसार तीनों कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कुसमी निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
आचरण नियमों का उल्लंघन
कार्रवाई के पीछे स्पष्ट कारण बताते हुए शिक्षा विभाग ने कहा है कि ये तीनों कर्मचारी अपने पदीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरत रहे थे। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन भी किया है। प्रथम दृष्टया जांच में इन्हें दोषी पाया गया, जिसके आधार पर निलंबन आदेश जारी किया गया।
संदेश स्पष्ट – लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी डी.एन. मिश्रा ने कहा कि शिक्षा विभाग में जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शैक्षणिक संस्थानों की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाए रखने और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारियों का अनुशासन में रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ इसी तरह की शिकायतें सामने आती हैं, तो विभाग कठोर कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा।
हाल ही में बलरामपुर जिले में शिक्षा विभाग लगातार सुधारात्मक कदम उठा रहा है। समय-समय पर निरीक्षण और मूल्यांकन की प्रक्रिया को मजबूत किया गया है ताकि स्कूलों में कामकाज की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई अन्य कर्मचारियों के लिए भी एक संदेश है कि अपने कर्तव्यों में कोताही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।






















