रायपुर : राजधानी के माधवराव सप्रे उत्कृष्ट हिंदी मीडियम स्कूल, बूढ़ापारा में शिक्षक नहीं होने के कारण 12वीं कक्षा के कॉमर्स और आर्ट्स संकाय के छात्रों को दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने की सलाह दिए जाने का मामला सामने आया है। इस फैसले से नाराज छात्रों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। छात्रों के विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया और महज तीन घंटे के भीतर शिक्षकों की व्यवस्था करने का निर्णय ले लिया गया।
नया सत्र शुरू, लेकिन नहीं थे शिक्षक
जानकारी के मुताबिक, पिछले शैक्षणिक सत्र में स्कूल में 12वीं कक्षा के कॉमर्स और आर्ट्स विषयों में छात्रों का प्रवेश लिया गया था। उस दौरान जिला खनिज न्यास (DMF) फंड से शिक्षकों की व्यवस्था की गई थी। लेकिन 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने के बावजूद इन विषयों के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं थे।शिक्षकों की अनुपलब्धता के चलते स्कूल प्रबंधन ने छात्रों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) लेकर दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने की सलाह दे दी। इससे छात्र और उनके अभिभावक चिंतित हो गए।
छह महीने में तीन बार लिखा पत्र
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शिक्षकों की कमी को लेकर पिछले छह महीनों के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर को तीन बार पत्र भेजा गया था। इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। नए सत्र की शुरुआत के बाद जब कक्षाएं प्रभावित होने लगीं, तब यह मामला सामने आया।
छात्रों का फूटा गुस्सा
शिक्षकों की कमी और दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने की सलाह से नाराज छात्र कलेक्ट्रेट पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों के समर्थन में एनएसयूआई कार्यकर्ता भी शामिल हुए। छात्र नेता हेमंत पाल के नेतृत्व में छात्रों ने शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति की मांग उठाई और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया
छात्रों के प्रदर्शन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्राचार्य से चर्चा की और पिछले सत्र में कार्यरत शिक्षकों को पुनः नियुक्त करने के निर्देश दिए। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद शिक्षकों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया और मामला शांत हो गया।इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग की तैयारी और समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का कहना है कि जब स्कूल में प्रवेश दिया गया था, तब शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। समय पर नियुक्ति नहीं होने के कारण उन्हें अपने भविष्य को लेकर चिंता का सामना करना पड़ा।























