रायपुर : राजधानी रायपुर के मंदिर हसौद में लापता भुवनेश्वर यादव की हत्या के सनसनीखेज वारदात को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस हत्याकांड में बीजेपी पार्षद समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या के बाद कातिलों ने युवक की लाश को महासमुंद के नानगांव में दफनाई दी थी, जिसे खोदकर निकला गया।
शराब पीने के दौरान विवाद के बाद ले ली जान
मिली जानकारी के मुताबिक, नकटी निवासी मृतक भुवनेश्वर यादव 22 मई से लापता था, जो मोनेट कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। बताया जाता है कि घटना वाले दिन मंदिर हसौद शराब भट्ठी के पास मृतक शराब पीने के दौरान भुवनेश्वर यादव और कुछ लोगों के बीच पानी को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान मृतक और निर्दलीय पार्षद गोलू रात्रे के बीच गाली-गलौज हुई। विवाद के बाद पार्षद ने अपने साथियों के साथ मिलकर भुवनेश्वर को कार में बैठाकर पहले महासमुंद के महानदी किनारे ले गया, फिर पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।
सबूत मिटाने की कोशिश
इसके बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने भुवनेश्वर के शव को रेत में दफना दिया। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस युवक की तलाश कर ही रही थी। तभी भुवनेश्वर का आखरी लोकेशन मंदिर हसौद के आस पास के इलाके में बता रहा था, पुलिस को जानकारी मिली की भुवनेश्वर गोलू रात्रे और उसके कुछ साथियों के साथ आखरी बार शराब पीते देखा गया था। जिसके बाद से ही लापता हो गया था। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपियों के निशानदेही पर नांदगांव घाट से भुवनेश्वर के शव को बरामद किया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस ने पार्षद समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।





















