Raipur

Mistake SIR : SIR में बहू का नाम जोड़ दिया ससुर के साथ, तो पैदा करवा दिए 6-6 बच्चे, जानिए कहां का है पूरा मामला

ग्वालियर : मतदाता सूची से अपात्र, फर्जी और निधन हो चुके मतदाताओं को हटाने के लिए निर्वाचन आयोग ने देशभर में गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। एसआईआर के तहत अभी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में वोटर्स का पुनरीक्षण किया जा रहा है। लेकिन ग्वालियर में बीएलओ की गलती के चलते पूरा मामला ही गड़बड़ हो गया है। बताया जा रहा है कि बीएलओ ने बहू का नाम सास-ससुर के साथ जोड़ दिया है तो ​कहीं माता-पिता की उम्र में 15 साल का अंतर बता दिया है। तो ​चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

बहू का नाम जोड़ दिया ससुर के साथ

मिली जानकारी के अनुसार जिले की छह विधानसभा में 5 लाख 33 मतदाताओं के डेटा में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी (एरर) सामने आई है। बताया जा रहा है कि बहू का नाम सास-ससुर से जोड़ दिया। 1 लाख 34 हजार वोटर ऐसे हैं, जिनकी उम्र व माता-पिता की उम्र में 15 साल का अंतर है। 52 हजार मतदाताओं के 6 से ज्यादा बच्चे हैं। इसके साथ ही गलत नाम जोड़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, गलत सामने आने के बाद बीएलओ को सुधार कार्य के लिए फिर से बुलाया है।

मतदाताओं के 6 से ज्यादा बच्चे

बता दें कि जिले में 4 नवंबर को मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। गणना पत्रक वितरण कर उन्हें डिजिटल व एकत्रित करने का काम 4 दिसंबर तक करना था। आयोग ने स्पष्ट कर दिया था कि 4 दिसंबर काम खत्म करने की आखिरी तारीख है। रात में पोर्टल बंद हो जाएगा, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका और 11 दिसंबर तक तारीख बढ़ाई। लेकिन काम पूरा नहीं होने के चलते एक बार फिर अंतिम तारीख 18 दिसंबर कर दी गई थी।

लॉजिकल गलतियों को देखा जाए तो बीएलओ से सुधर नहीं रही है। लॉजिकल गलतियों वाले मतदाताओं की संख्या 5 लाख 33 हैं। फिलहाल आयोग ने लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी वाले मतदाताओं के संबंध में नए दिशा निर्देश नहीं दिए हैं। वहीं उप जिला निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि यह गलतियां 2003 की मतदाता सूची के मिलान के दौरान सामने आई थी। लेकिन काम पूरा होने के बाद उनमें सुधार किया जाएगा।

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