भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के अधिकारियों से समय पूर्व अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए खराब प्रदर्शन वाले शिक्षकों की पहचान करने और 31 जनवरी तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। यह जानकारी शुक्रवार को एक अधिकारी ने दी।
खराब प्रदर्शन वाले शिक्षकों की होगी छुट्टी
अधिकारी ने बताया कि 13 जनवरी को विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार, डिग्री कॉलेजों और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को जारी पत्र में उच्च शिक्षा विभाग ने खराब प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की पहचान करने का निर्देश दिया है। इसमें कहा गया है कि अधिकारियों को शिक्षकों की कार्यकुशलता की समीक्षा करने और अक्षम तथा काम न करने वाले कर्मचारियों का पता लगाने की आवश्यकता है। पत्र में कहा गया है, ‘‘यह शैक्षणिक मानकों और प्रशासनिक दक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है।’’
31 जनवरी तक बनेगी पूरी कुंडली
पत्र में कहा गया कि ऐसे मामलों की पहचान की जाए जिनमें प्रासंगिक सेवा नियमों और लागू सरकारी दिशानिर्देशों के प्रावधानों के अनुसार समय पूर्व अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर विचार किया जा सके। इसमें कहा गया, ‘‘अनुपालन रिपोर्ट को 31 जनवरी तक विभाग को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए, ताकि सरकारी स्तर पर इसकी आगे पड़ताल की जा सके। इस मामले को अत्यंत अत्यावश्यक और महत्वपूर्ण माना जाए।’’
शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार गंभीर
बता दें कि प्रदेश सरकार स्कूलों की ही नहीं बल्कि उच्च शिक्षा को लेकर भी बेहद गंभीर है। इसी के चलते सरकार ने शिक्षकों के कार्यों का मूल्यांकन करने का फैसला लिया है। हालांकि सरकार ने पहले ही कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों को जानकारी दे दी थी कि खराब प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ जल्द की कार्रवाई होगी। बावजूद इसके कुछ शिक्षकों ने लापरवाही अनवरत जारी रखी। वहीं, अब सरकार ने अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों की कुंडली तैयार करने का निर्देश दिया है। साथ ही ये भी माना जा रहा है कि फरवरी महीने के अंत तक लापरवाह शिक्षकों पर गाज गिर सकती है।






















