रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दो साल पहले हुए एक सनसनीखेज हत्या मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पंकज कुमार सिन्हा की विशेष अदालत ने युवक रोहित कुमार कुशवाहा की पीट-पीटकर हत्या के मामले में पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर 3-3 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने जिन आरोपियों को सजा सुनाई है उनमें सुभाष चंद्र यादव, भूपेंद्र मिश्रा, जयनारायण सिंह, संतोष कुमार मिश्रा और योगेंद्र मिश्रा शामिल हैं। ये सभी आरोपी रायपुर स्थित शासकीय फिजियोथैरेपी कॉलेज में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे।
चोरी के शक में युवक को बनाया निशाना
घटना 5 और 6 मार्च 2023 की दरमियानी रात की है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक उस रात डायल 112 को सूचना मिली थी कि कुछ लोग एक युवक को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर आए हैं। युवक को रायपुर के डॉ . भीमराव अम्बेडकर मेमोरियल हॉस्पिटल (मेकाहारा) में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।उस समय युवक की पहचान नहीं हो पाई थी, इसलिए पुलिस ने उसे लावारिस मानकर जांच शुरू की। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि युवक को शासकीय फिजियोथैरेपी कॉलेज के सुरक्षा कर्मियों द्वारा अस्पताल लाया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।
पूछताछ में सामने आया पूरा सच
पुलिस ने जब कॉलेज में तैनात सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि युवक रोहित कुमार कुशवाहा कॉलेज की दीवार फांदकर अंदर घुस गया था। उन्हें शक हुआ कि वह चोरी करने के इरादे से आया है। इसी शक के आधार पर सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और एक कुर्सी से बांध दिया। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रोहित को डंडों और लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में मौदहापारा थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला
लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।फैसला सुनते ही आरोपियों के परिवारों में हड़कंप मच गया। अदालत के आदेश के बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है।






















