रायपुर : राजधानी के गुढियारी थाना क्षेत्र स्थित आंबेडकर चौक में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतका की पहचान पिंकी गुप्ता के रूप में हुई है। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, पिंकी गुप्ता की मौत संदिग्ध हालात में उनके घर पर हुई। पति सुरेश गुप्ता का दावा है कि उनकी पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
हालांकि, इस मामले में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो इस घटना को संदेह के घेरे में खड़ा करते हैं। सबसे बड़ा आरोप यह है कि पति ने पुलिस को सूचना देने से पहले एंबुलेंस को बुलाया और कथित रूप से क्राइम सीन से छेड़छाड़ की। बताया जा रहा है कि डायल 112 को सूचना देने से पहले ही एंबुलेंस को मौके पर बुला लिया गया था। एंबुलेंस स्टाफ ने जब स्थिति देखी, तो उन्होंने खुद पुलिस को सूचना दी। इस घटनाक्रम ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि उन्हें घटना की सही जानकारी समय पर नहीं दी गई।
परिजनों के मुताबिक, उन्हें सुबह करीब 4 बजे फोन कर बताया गया कि पिंकी गुप्ता को पेट दर्द के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उस समय परिजन उत्तर प्रदेश के बनारस में थे। बाद में उन्हें फोन कर पिंकी की मौत की सूचना दी गई। इस तरह की जानकारी ने परिजनों के संदेह को और बढ़ा दिया है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि पिंकी गुप्ता को पिछले 22 वर्षों से संतान न होने के कारण पति और ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उनका कहना है कि यह मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि प्रताड़ना का परिणाम हो सकती है।
मामले की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस के लिए यह एक अहम बिंदु है, जो आत्महत्या के दावे पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।






















