आगरा : मोहब्बत की नगरी कहे जाने वाले आगरा शहर से सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसे जानकर पुलिस के पैरों तले जमीन खिसक गई। मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल एक महिला ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि भरपूर दहेज देने के बाद भी ससुराल वाले उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। महिला का ये भी कहना है कि उसके देवर ने बेडरूम तक में कैमरा लगवा दिया है। फिलहाल मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
देवर की शर्मनाक करतूत
मिली जानकारी के अनुसार मामला ट्रांस यमुना क्षेत्र का है जहां रहने वाली महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि साल 2019 में उसकी शादी हिंदू रीति रिवाज से कपिल देव से शादी हुई थी। पीड़िता की मानें तो शादी के दौरान मायके वालों ने 15 लाख रुपए से अधिक खर्च किए थे, जिसमें सोने-चांदी के जेवर, फर्नीचर, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, 5.51 लाख रुपए नकद और एक बुलेट मोटरसाइकिल शामिल थी। इतना पैसा और जेवरात मिलने के बाद भी ससुराल वालों की मशां शांत नहीं हुई और वे अधिक पैसे की डिमांड करने लगे। डिमांड पूरी नहीं होने पर उन्होंने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
ससुराल वालों ने किया प्रताड़ित
पीड़िता का आरोप है कि ससुराल वाले बुलेट मिलने के बाद भी वैगन आर कार खरीदने के लिए 2 लाख रुपए की मांग करने लगे, लेकिन महिला के पिता ने खुद को असमर्थ बताते हुए पैसा देने से मना कर दिया। इसके बाद से प्रताड़ना का खेल शुरू हो गया। ससुराल वाले गाली गलौज करने लगे और मारपीट भी करते थे। पीड़िता ने दर्द बयां करते हुए कहा कि दो बेटों 4 वर्षीय कुनाल और 2 माह के रियांश के जन्म के बाद भी उसे प्रताड़ित किया जाता रहा है।
देवर ने बेडरूम में लगाया सीसीटीवी कैमरा
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि देवर द्वारा घर में ऐसे CCTV कैमरे लगवाए गए, जिनकी रिकॉर्डिंग पीड़िता के किचन और बेडरूम तक हो रही थी। पीड़िता का कहना है कि यह सब उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित और लज्जित करने के उद्देश्य से किया गया। जब उसने कैमरों की दिशा बदलने या रिकॉर्डिंग बंद करने को कहा, तो विवाद और बढ़ गया। पीड़िता के अनुसार, 5 नवंबर 2025 को पति, देवर, सास-ससुर और देवरानी ने एकजुट होकर उसके साथ मारपीट की और धमकी दी कि यदि दहेज नहीं लाई तो उसे घर से निकालकर दूसरी शादी कर लेंगे। शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो उन्हें भी धमकाया गया।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
आरोप है कि 12 दिसंबर 2025 को पीड़िता को दोनों मासूम बेटों के साथ घर से बाहर निकाल दिया गया। उस वक्त छोटे बेटे रियांश की हालत गंभीर थी, लेकिन ससुराल पक्ष ने इलाज तक नहीं कराया। मायके वालों ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया और पूरा खर्च उठाया। पीड़िता का कहना है कि शादी में दिया गया पूरा दान-दहेज और स्त्रीधन ससुराल पक्ष के कब्जे में है, जिसे लौटाने से इनकार किया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपों की तस्दीक की जा रही है।






















