नई दिल्ली : मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) की जगह लाने वाला जी राम जी विधेयक लोकसभा में भारी हंगामे के बीच आज पारित हो गया। विपक्षी दल इस विधेयक को स्थायी समिति को भेजने की मांग कर रहे थे, लेकिन स्पीकर ने कहा कि इस पर पहले ही पर्याप्त चर्चा हो चुकी है।
इस दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन के बीच में आकर विरोध प्रदर्शन किया और कुछ सांसदों ने बिल की प्रतियां भी फाड़ दीं। इससे नाराज स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जनता ने सांसदों को कागज फाड़ने के लिए संसद में नहीं भेजा है। विधेयक का कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, डीएमके के टीआर बालू और सपा के धर्मेंद्र यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने विरोध किया।
विपक्ष का कहना है कि कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाना उनका अपमान है और इससे राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। विधेयक के समर्थन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा भ्रष्टाचार का जरिया बन गया था। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नया कानून सभी हितधारकों से चर्चा के बाद लाया गया है। अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा।






















