गरियाबंद : छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। यदि आप इस योजना की अगली किस्तों का लाभ बिना किसी रुकावट के पाना चाहते हैं, तो आपको E-KYC करवाना अनिवार्य होगा। जिले में यह प्रक्रिया 3 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं का ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा, उन्हें भविष्य में भुगतान मिलने में समस्या आ सकती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय ने बताया कि यह कार्य ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राम पंचायत भवनों में तथा शहरी क्षेत्रों के वार्ड कार्यालयों में किया जाएगा। ई-केवाईसी अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसके पूरा होने पर ही लाभार्थियों को आगामी किश्तों का भुगतान नियमित रूप से मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी के लिए महतारी वंदन योजना में दर्ज नाम और आधार कार्ड में लिखा नाम पूरी तरह मेल होना चाहिए।
कई बार वर्तनी की छोटी-छोटी त्रुटियों के कारण सत्यापन प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इसलिए सभी हितग्राहियों को पहले अपने निकटतम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर योजना में दर्ज नाम का आधार कार्ड से मिलान करने को कहा है। यदि नाम में किसी प्रकार की गलती मिलती है, तो लाभार्थियों को शीघ्र ही महिला एवं बाल विकास विभाग में नाम संशोधन के लिए आवेदन जमा करना होगा, ताकि समय रहते सुधार किया जा सके और ई-केवाईसी में कोई समस्या न आए।
ई-केवाईसी 03 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक चलेगा। हितग्राही निर्धारित समय के भीतर सत्यापन अवश्य कराएं। जिले में लगभग 1 लाख 65 हजार हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाएगा। जिनमें वीएलई, सीएससी ऑपरेटरों और महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों को ई-केवाईसी संबंधी सम्पूर्ण प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत ऑपरेटर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ई-केवाईसी कार्य को तेज गति से पूरा कर सकेंगे।
गरियाबंद ब्लॉक में प्रशिक्षण 6 अप्रैल को जनपद पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित होगा, जिसमें लगभग 62 प्रतिभागी उपस्थित रहेंगे। इसी प्रकार 7 अप्रैल को जनपद पंचायत छुरा में 72 प्रतिभागियों का प्रशिक्षण होगा। जनपद पंचायत फिंगेश्वर में 8 अप्रैल को जिसमें 71 प्रतिभागी प्रशिक्षण लेंगे। मैनपुर में यह प्रशिक्षण 9 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 72 प्रतिभागी शामिल होंगे। इसी तरह देवभोग जनपद में 10 अप्रैल को प्रशिक्षण शिविर रखा गया है, जिसमें 54 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।






















