रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में सोमवार को भव्य दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुल 860 प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों ने कठिन प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद शपथ ली और औपचारिक रूप से पुलिस सेवा में शामिल हुए। इस गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कठिन प्रशिक्षण के बाद मिली नई जिम्मेदारी
इस दीक्षांत परेड में सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने लंबे और कठोर प्रशिक्षण के बाद यह मुकाम हासिल किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें शारीरिक, मानसिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया गया, ताकि वे बदलते समय की चुनौतियों का सामना कर सकें।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि अब इन प्रशिक्षुओं के पास न केवल आत्मविश्वास और अनुभव है, बल्कि समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था अब सक्षम और जिम्मेदार हाथों में है।
वर्दी की गरिमा बनाए रखने का संदेश
मुख्यमंत्री ने सभी नए अधिकारियों को वर्दी की गरिमा बनाए रखने और पूरी ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक भी है।उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों को संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि आम जनता का भरोसा और मजबूत हो सके।
परिजनों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह
इस भव्य समारोह में प्रशिक्षुओं के परिजन भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी परिजनों का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि उनके बेटे-बेटियां अब राज्य की सेवा के लिए तैयार हैं। समारोह में परिजनों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था।
नए कानूनों की दी गई विशेष ट्रेनिंग
इस बैच को नए आपराधिक कानूनों की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई है, ताकि वे आधुनिक कानून व्यवस्था के अनुरूप कार्य कर सकें। बदलते अपराधों और तकनीकी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण में आधुनिक पुलिसिंग के तरीकों को भी शामिल किया गया।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘स्मार्ट पुलिस’ की परिकल्पना का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस को भी उसी दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने से पुलिस व्यवस्था और मजबूत होगी।





















