सूरत : गुजरात के सूरत शहर में 57 वर्षीय हमीदा खातून मंसूरी की हत्या के मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अमरोली इलाके की कोसाड आवास कॉलोनी में 11 मार्च को सड़क किनारे एक बोरे में महिला की लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी। जांच में पता चला कि हमीदा खातून की हत्या उनके ही छोटे बेटे परवेज मंसूरी, बहू शबाना और शबाना के पिता मोहम्मद फिरोज आलम ने मिलकर की थी।
पुलिस के अनुसार हमीदा को अपने बेटे परवेज और बहू शबाना के अवैध रिश्ते की जानकारी हो गई थी, जिसका वह लगातार विरोध कर रही थीं। इसी बात से नाराज होकर तीनों ने मिलकर 10 मार्च को हत्या की साजिश रची। अगले दिन फिरोज आलम घर पहुंचा और बातचीत के बहाने कमरे में बुलाकर कपड़े से गला घोंटकर हमीदा की हत्या कर दी। इसके बाद तीनों ने मिलकर शव को प्लास्टिक के बोरे में भरकर रस्सी से बांधा और घर से करीब 300 से 500 मीटर दूर मंदिर के पास फेंक दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और घर से मिले उसी तरह के धागे-रस्सी के सबूत मिले, जिनसे शव बांधा गया था। पूछताछ में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने परवेज और शबाना को सूरत से गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी फिरोज आलम को बिहार भागने के दौरान पटना रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया गया। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया है।






















