रायपुर : छत्तीसगढ़ में जमीनों की बढ़ी हुई सरकारी गाइडलाइन रेट को लेकर सरकार ने राहत देना शुरू कर दिया है। 20 नवंबर 2025 को जारी की गई गाइडलाइन रेट में कटौती करते हुए सरकार ने दो जिलों के लिए नई संशोधित गाइडलाइन रेट जारी की है। ये नई दरें रायपुर और रायगढ़ जिलों के लिए लागू की गई हैं।
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रायपुर जिले के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की अलग-अलग गाइडलाइन रेट तय की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले गाइडलाइन रेट को 400 से 500 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया था, जिसे अब कम कर दिया गया है। अधिकांश ऐसे गांव, जहां न तो प्लॉटिंग हो रही है और न ही नई कॉलोनियां या बसाहट विकसित हो रही हैं, वहां जमीन की अधिकतम गाइडलाइन रेट को 20 नवंबर से पहले की दर के दोगुना तक सीमित किया गया है। यानी जो दरें 400–500 प्रतिशत तक बढ़ गई थीं, उन्हें घटाकर लगभग 100 प्रतिशत वृद्धि तक रखा गया है।
छत्तीसगढ़ में जमीन के रेट अचानक घटे
हालांकि, जिन गांवों में प्लॉटिंग हो रही है या जहां पहले जमीन की दरें काफी कम थीं, वहां अब भी गाइडलाइन रेट 100 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में भी बढ़ी हुई गाइडलाइन रेट में कटौती की गई है। यहां भी अधिकांश स्थानों पर दरों को घटाकर 20 नवंबर 2025 की गाइडलाइन रेट के दोगुने के भीतर रखने का प्रयास किया गया है।
नई संशोधित गाइडलाइन रेट आज यानी 30 जनवरी 2026 से लागू हो गई है। इस आदेश के बाद माना जा रहा है कि प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी सरकार जल्द ही नई संशोधित गाइडलाइन रेट जारी कर सकती है। संभावना जताई जा रही है कि बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री इसकी औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। वहीं, इस फैसले को जनहितैषी बताते हुए प्रदेश के डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा है कि यह कदम आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।






















